नेकां के उपप्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार को सर्वोच्च न्यायालय पर विश्वास रखना चाहिए। न्यायालय के फैसले तक केंद्र को इंतजार करना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोगों को अनुच्छेद 370 और 35-ए पर अघोषित धमकियों से बचना चाहिए। उमर ईदगाह श्रीनगर में हुए एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि नेकां न्यायालय के फैसले पर विश्वास करती आई है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि न्यायालय का कोई फैसला आने तक इस पर कोई टिप्पणी न की जाए। अनुच्छेद 370 संविधान के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार प्रदान करता है। इसमें राज्य विधानसभा को सशक्त बनाने के साथ राज्य के लोगों को स्टेट सब्जेक्ट का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्तर पर खासतौर पर कश्मीर में अनुच्छेद को लेकर गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इसका घाटी के हालात पर असर पड़ेगा। ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिसमें कहा जा रहा है कि 15 अगस्त से पहले कश्मीर के लोग जरूरी सामान की खरीदारी कर लें।
केंद्र और राज्य प्रशासन राज्य के लोगों को गुमराह क्यों कर रहा है। इससे नई दिल्ली में कुछ नहीं होगा, लेकिन जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़ेंगे। केंद्रीय मंत्री के पंद्रह अगस्त के बाद आर्टिकल 35 ए को खत्म करने के बयानों से हालात खराब होंगे।