पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
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'पत्थरबाजों को आतंकी नहीं माना जा सकता है और न ही उनपर गोलियां चला सकते हैं।' यह ट्वीट जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को राज्यपाल के बयान पर किया है।
राज्यपाल ने हाल ही में एक मीडिया को दिए बयान में कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती निजी तौर पर सहमत हैं कि स्थानीय नागरिकों को पत्थर नहीं मारने चाहिए या मुठभेड़ स्थलों की ओर नहीं जाना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक रूप से ऐसा नहीं कह रहे।
राज्यपाल के इस बयान पर उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा कि राज्यपाल को कैसे पता मैं जो कुछ भी सोचता हूं क्या मेरी कॉल मॉनिटर हो रही है। उन्होंने इसपर महबूबा मुफ्ती से भी टिप्पणी करने को कहा। एक अन्य ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने लिखा, मुझे यह सार्वजनिक रूप से कहना है ताकि गवर्नर साहिब को कोई भ्रम न रहे।
नागरिकों को पत्थर नहीं फेंकने चाहिए और उन्हें मुठभेड़ स्थलों की ओर नहीं जाना चाहिए। मैं इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से नहीं कह रहा हूं और न ही यह आखरी बार होगा।