नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक विरोधी दुश्मन नहीं हैं। साथ ही राजनीति में विभाजन और नफरत का स्थान नहीं है। उनकी टिप्पणी ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के जवाब में थी जिसमें एक सोशल मीडिया यूजर ने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच पिछले दरवाजे से कुछ समझौते के संकेतों का इशारा किया था।
उस वीडियो में दिखाया गया था कि जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने अब्दुल्ला को केंद्र शासित प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक नेताओं के एक रत्न के रूप में वर्णित किया था। वीडियो में रैना कहते हुए दिखाई देते हैं कि जब मैं उमर के साथ विधानसभा का सदस्य बना तो हमने देखा कि एक व्यक्ति के रूप में उमर जम्मू-कश्मीर के शीर्ष राजनीतिक नेताओं में एक रत्न हैं, इसलिए हम दोस्त हैं।
उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उस समय उन्हें फोन किया था जब वह कोरोना वायरस से पीड़ित थे।इसके जवाब में उमर ने ट्वीट किया कि राजनीतिक रूप से असहमत होने पर राजनेताओं को व्यक्तिगत रूप से एक-दूसरे से नफरत करने की जरूरत नहीं है।
राजनीति में विभाजन और घृणा क्यों है? यह कौन कहता है कि राजनीतिक रूप से असहमत होने के लिए हमें व्यक्तिगत रूप से एक दूसरे से घृणा भी करनी होगी? मेरे राजनीतिक विरोधी हैं, कोई दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, मैं रवींद्र के विनम्र शब्दों के लिए आभारी हूं और मुझे खुशी है कि वे हमें एक-दूसरे का विरोध करने से नहीं रोकेंगे।