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दिल्ली में कर्ण सिंह बोले: कांग्रेस में तो हूं, पर पार्टी से संबंध लगभग शून्य, अब तो कार्य समिति से भी हटाया

Fri, 16 Sep 2022 08:46 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

डॉ. कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर में महाराजा की जयंती पर छुट्टी की घोषणा के सरकारी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोगों की आकांक्षाएं पूरी हुई हैं। लंबे समय से इसकी डोगरा समाज मांग कर रहा था। लंबे संघर्ष का प्रतिफल मिला है और डोगरों के स्वाभिमान और आकांक्षाओं की पूर्ति हुई है।
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डॉ. कर्ण सिंह - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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महाराजा हरि सिंह के बेटे और कांग्रेस नेता डॉ. कर्ण सिंह ने कहा है कि मैं कांग्रेस में तो हूं, लेकिन पार्टी से कोई संपर्क नहीं है। पार्टी के साथ मेरे संबंध लगभग शून्य हैं। डॉ. सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब दिग्गज कांग्रेसी गुलाम नबी आजाद ने भी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी से किनारा कर लिया था।

कोई मुझसे कुछ नहीं पूछता, मैं अपना काम खुद करता हूं

उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि मैं कांग्रेस में हूं, लेकिन कोई संपर्क नहीं है। कोई मुझसे कुछ नहीं पूछता। मैं अपना काम खुद करता हूं। पार्टी के साथ मेरे संबंध अब लगभग शून्य हैं। मैं 1967 में कांग्रेस में शामिल हुआ था, लेकिन पिछले 8-10 वर्षों से मैं संसद में नहीं रहा। मुझे कार्य समिति से भी हटा दिया गया है।

  • उन्होंने जम्मू-कश्मीर में महाराजा की जयंती पर छुट्टी की घोषणा के सरकारी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोगों की आकांक्षाएं पूरी हुई हैं। लंबे समय से इसकी डोगरा समाज मांग कर रहा था। लंबे संघर्ष का प्रतिफल मिला है और डोगरों के स्वाभिमान और आकांक्षाओं की पूर्ति हुई है।

कहा कि उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी एमएलसी रहते हुए विधान परिषद में आवाज उठाई थी, लेकिन उसे दबा दिया गया। धीरे-धीरे यह मांग आंदोलन बन गया और अंतत: सरकार को जम्मू के लोगों की आवाज को सुनकर उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना पड़ा। यह सुखद है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रति आभार जताया है। साथ ही छुट्टी के लिए आंदोलन करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं भी दी हैं।

क्या कर्ण सिंह भी छोड़ेंगे कांग्रेस 

राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस में डॉ. कर्ण सिंह की उपेक्षा की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि आजाद के बाद डॉ. कर्ण सिंह भी कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं। यह चर्चा ऐसे समय में शुरू हुई है जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले कुछ महीनों में होने की संभावना है। साथ ही डेढ़ साल बाद लोकसभा के चुनाव होने हैं।

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परिवार में कर्ण सिंह के अलावा उनके दोनों बेटे विक्रमादित्य सिंह और अजातशत्रु सिंह राजनीति में हैं। चर्चा है कि डॉ. सिंह अपने दोनों बेटों का राजनीतिक करियर बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए भाजपा में शामिल हो सकते हैं। अजातशत्रु तो अब भी भाजपा में हैं, लेकिन विक्रमादित्य सिंह पीडीपी से होते हुए कांग्रेस में पहुंचे और अब किसी भी दल से उनका नाता रिश्ता नहीं है। 2019 का लोकसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर उधमपुर संसदीय सीट से लड़ा था। 

नौ सितंबर को छुट्टी के लिए लिखा था पत्र

डॉ. कर्ण सिंह ने नौ सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश देने की अपील की थी। उनकी अपील के छह दिन बाद 15 सितंबर को छुट्टी पर सहमति जताने को उन्होंने सकारात्मक कदम बताया।

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