जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को वापस लेने की बात तो ठीक है, पर लद्दाख के उस हिस्से का मुद्दा क्यों नहीं उठाया जाता जो चीन के पास है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को वापस लेने की बात तो ठीक है, पर लद्दाख के उस हिस्से का मुद्दा क्यों नहीं उठाया जाता जो चीन के पास है।
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वह यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। जब उनसे पाकिस्तानी सेना प्रमुख के बयान पर पूछा गया, तो बोले कि यह कोई नई बात नहीं है। वक्फ संशोधन कानून पर उमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य होगा।
विधानसभा के बजट सत्र में भी पिछले दिनों सीएम उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर पीओके वापस लाना है तो लाइए, लेकिन जब आप जम्मू-कश्मीर का मानचित्र देखते हैं तो उसमें हमारा एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है, लेकिन दूसरा हिस्सा चीन के पास भी है, कोई इस बारे में बात क्यों नहीं करता?
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दरअसल, उमर का बयान उस मामले से उपजा है जिसमें पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कश्मीर को 'पाकिस्तान के गले की नस' बताया था। इस पर भारत सरकार ने गुरुवार को साफ कहा कि कश्मीर से पाकिस्तान का एक मात्र संबंध अवैध कब्जा है जिसे उसे जल्द खाली करना है।
इस तरह से भारत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख की उस टिप्पणी को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कश्मीर इस्लामाबाद की 'गले की नस' है।
विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में बयान जारी कर संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान का 'कश्मीर के साथ एकमात्र संबंध' अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्र को खाली करना है।