जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर के बड़गाम में पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने के मामले की जांच के लिए बनी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी को तमाशा बताया है। उमर द्वारा मंगलवार को इस बारे में ट्वीट करके बयान दिया गया है।
अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उमर ने ट्वीट करते हुए पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने के मामले की जांच के लिए बनी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि भविष्य में कृपया सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का तमाशा करने का कष्ट ना उठाएं. साफ तौर पर जो अदालत मायने रखती है वो जनमत की अदालत है।
एक अन्य ट्वीट करते हुए उमर ने लिखा कि जिनेवा विएना जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियों पर तभी बात हो सकती है जब भारत दूसरों पर उल्लंघनों का आरोप लगाता है. जैसा कि हम कहते हैं वैसा करो ना कि जैसा हम करते है वैसा।