आतंकी हारून अब्बास के मारे जाने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को काफी हद तक राहत मिली है। उसके मारे जाने के साथ ही भाजपा और संघ नेताओं की हत्या, डीसी किश्तवाड़ और एडवोकेट के घर घुसकर पीएसओ से हथियार छीनने की घटनाओं को अंजाम देने वाले तमाम आतंकियों को सफाया हो गया है।
चिनाब घाटी का सबसे पुराना आतंकी जहांगीर सरूरी अब भी जिंदा है। जो पुलिस और सेना का अगला निशाना है। सरूरी के साथ दो अन्य आतंकियों के होने का शक है।
सरूरी के किश्तवाड़, डोडा और अनंतनाग के साथ लगते जंगलों में छुपे होने का शक है। जहांगीर के साथ दो और आतंकियों के होने का अंदेशा है। डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि चिनाब घाटी में आतंक की फौज तैयार करने में हारून और ओसामा मुख्य रूप से सक्रिय थे।
जिन्होंने बाद में अपने साथ कुछ अन्य आतंकियों को जोड़ लिया। अब यह दोनों मारे जा चुके हैं। अब आतंकी जहांगीर सरूरी और दो से तीन अन्य आतंकी मौजूद हैं, जो पुलिस के निशाने पर हैं। इनको भी जल्द ढेर किया जाएगा।