ग्राहकों में भी नहीं है जारुकता, लग रही चपत
जहां व्यापारी बाजार की अस्थिरता से परेशान हैं, वहीं ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रेहाड़ी के रहने वाले अमित शर्मा बताते हैं कि मैंने बाजार से तेल की बोतल खरीदी, सोचा कि यह एक किलो होगी। बोतल की जब तौला तो 700 ग्राम के आसपास निकली।
जब तक पढ़कर ध्यान न दें, पैक देखकर कोई समझ ही नहीं सकता कि इसमें कितना तेल है। व्यापारी दीपक जैन का कहना है कि इस असमान पैकिंग से हमें बार-बार ब्रांड बदलकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा उठानी पड़ रही है। न स्टॉक का हिसाब बैठ रहा है, न ग्राहक संतुष्ट हो पा रहे हैं। ऐसे में कारोबार संभालना मुश्किल हो गया है।
2022 में नियमों में हुआ बदलाव, कंपनियों को मिली छूट
दरअसल, तेल की पैकिंग को लेकर पहले स्पष्ट कानून था। विधिक माप विज्ञान अधिनियम और पैकेज्ड वस्तु नियम 2011 के तहत कंपनियों को केवल तय पैकिंग में ही तेल बेचने की अनुमति थी। अगस्त 2022 में सरकार ने नियमों में संशोधन कर कंपनियों को छूट दे दी कि वे किसी भी आकार में पैकिंग कर सकती हैं, जैसे 810 ग्राम, 750 ग्राम या 400 ग्राम। अब कंपनियों को सिर्फ इतना करना होता है कि पैक पर सटीक वजन और मात्रा साफ लिख दें।