शाहपुरकंडी बांध परियोजना का काम अगले साल तक हर हाल में पूरा किया जाए। ये निर्देश बुधवार को यहां पहुंची केंद्रीय जल आयोग की निगरानी समिति ने परियोजना का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को जारी किए। टीम ने परियोजना के निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति और प्रगति का भी जायजा लिया।
साथ ही पावर हाउस चरण एक और दो का भी निरीक्षण किया, जहां बेड लेवल की खोदाई पूरी हो चुकी है, जल्द ही कंक्रीट का काम शुरू होने वाला है। इसके बाद केंद्रीय टीम ने कश्मीर नहर के काम के लिए साइफन का दौरा किया, जिस पर पंजाब और जम्मू-कश्मीर दोनों तरफ काम जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने रावी नहर पर चल रहे काम की भी समीक्षा की। उन्होंने तय समय सीमा के भीतर भूमि अधिग्रहण के मुद्दे की भी समीक्षा की। सुखाल खड्ड में एक्वाडक्ट के लिए स्थल का निरीक्षण किया गया और कार्य में तेजी लाने के लिए कार्यकारी एजेंसी को निर्देश दिए गए।
बता दें कि जुलाई 2023 तक बांध परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टीम ने नौरा पुल की साइट का भी दौरा किया जहां लोक निर्माण विभाग जम्मू-कश्मीर की ओर से पुल के लिए खुदाई का काम जारी है, जिसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सीडब्ल्यूसी अधिकारियों के दौरे का समापन रावी नहर के हेड रेगुलेटर के निरीक्षण के साथ हुआ जहां काम शुरू हो गया है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर से मुख्य सचिव लगातार परियोजना की प्रगति पर निगरानी रखे हुए हैं।
2715.70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली शाहपुरकंडी बांध परियोजना जम्मू कश्मीर को 1150 क्यूसेक का सुनिश्चित सिंचाई पानी उपलब्ध कराएगी, जिससे जम्मू-कश्मीर के कठुआ, हीरानगर, सांबा और विजयपुर क्षेत्र में पड़ने वाली 32173 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी।