स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में अफसरों का टोटा बना हुआ है। एक-एक अधिकारी को कई पदों के अतिरिक्त कार्यभार सौंपे गए हैं। यही नहीं कई बड़े पद अभी भरे ही नहीं जा सके हैं।
वरिष्ठता के सूची के आधार पर भी डाक्टरों को एडजेस्ट नहीं किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर करीब दो माह से सहायक निदेशक स्किम डा. अरविंद रैणा को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वह दो-दो कार्यभार देख रहे हैं।
स्टेट मलेरियाजिस्ट डा. गुरजीत सिंह को उपनिदेशक हेडक्वार्टर के अहम पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा डिवीजनल न्यूट्रिशियन आफिसर का पद करीब तीन माह से खाली पड़ा हुआ है।
इसी तरह उपनिदेशक डेंटिस्ट का पद भी कई महीनों से खाली चल रहा है। गांधीनगर अस्पताल से अधीक्षक डा. रोमेश गुप्ता के सुपर स्पेशलिटी में अधीक्षक पद पर चले जाने से यह अतिरिक्त कार्यभार एसएमजीएस अस्पताल के अधीक्षक डा. दारा सिंह को दिया गया है।
महकमे में वरिष्ठता की सूची के आधार पर वरिष्ठ डाक्टरों को मौका नहीं दिया गया है। कई पदों पर एक ही अधिकारी के होने से कामकाज पर भी असर पड़ता है।