कोर्ट कांप्लेक्स स्थित प्रदेश न्यायिक अकादमी में शुक्रवार की सुबह सौ से ज्यादा नए वकील उत्सुकता से लबरेज नजर आए। इन वकीलों को प्रैक्टिस लाइसेंस प्रदान करने के साथ ही उन्हें शपथ ग्रहण करवाई गई। समारोह की अध्यक्षता हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी ने की।
सौ से ज्यादा वकीलों को लाइसेंस दिए गए, जबकि खराब मौसम के कारण नेशनल हाईवे जाम रहने से 80 से ज्यादा वकील समारोह में नहीं पहुंचने पर लाइसेंस लेने से वंचित रह गए। समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस हसनैन मसूदी ने पेशेवर रवैये और कोर्ट के अफसर के रूप में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका से उन्हें अवगत करवाया।
धैर्य के साथ मेहनत करने पर ही वह जज के समक्ष प्रभाव डाल सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह बार ही है, जिसे बेंच की मां के रूप में देखा जाता है। वकीलों का ज्ञान ही किसी मामले की समाप्ति में अहम भूमिका अदा करता है। अपने कार्य की श्रेष्ठता से ही नानी पालकीवाला और फैली नारिमन जैसी शख्सियतों ने अलग पहचान बनाई।
जस्टिस मसूदी ने कहा कि एक वकील को सिर्फ अपने मुवक्किल के लिए समर्पण की भावना से काम नहीं करना चाहिए, बल्कि सत्य के लिए अदालत का सहयोग भी करना चाहिए। इससे पहले प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक पवन देव कोतवाल ने समारोह के अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही वकीलों की शपथ की जरूरत पर प्रकाश डाला।