राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के एक दिन बाद से श्रीनगर में कैंप किए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 11 दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली लौट गए। कश्मीर में लगाई गई पाबंदियों के दौरान डोभाल ने विश्वास बहाली के लिए स्थानीय लोगों से मुलाकात की और आम जनता को बकरीद व स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर कोई परेशानी न हो इसकी जिम्मेदारी भी संभाले रखी। उनका विशेष जोर इस बात पर था कि किसी तरह की जनहानि न हो।
आतंकवाद का गढ़ कहे जाने वाले शोपियां और अनंतनाग जैसे जिलों में सड़कों पर निकल कर आम जनता के साथ वहां तैनात सुरक्षा बलों से भी बातचीत की। स्थानीय लोगों के साथ खाना खाने, सड़कों पर अकेले घूमने और अनंतनाग के बाजार में पशु व्यापारी से उनकी बातचीत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। उन्हें वीडियो में यह कहते हुए सुना गया कि एक बार नया प्रशासन स्थापित करने के बाद चीजें बदल जाएंगी।
इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ कर्मियों को भी संबोधित किया। अधिकारियों ने शोपियां की उनकी यात्रा को लेकर कहा कि एनएसए को यह सुनिश्चित करना था कि कोई जनहानि न हो और सम्पत्ति का भी को कोई नुकसान न हो। साथ ही उन्हें यह भी देखना था कि वहां मौजूद सैनिकों का मनोबल ऊंचा रहे और वह इसमें सफल रहे।
डोभाल ने अपनी बैठकों के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि सामान्य लोगों को किसी तरह की कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शहर में अपने प्रवास के दौरान मुख्य क्षेत्रों का दौरा किया जिनमें संवेदनशील ईदगाह क्षेत्र भी शामिल थे जो कि सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाओं के लिए बदनाम हैं।