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जम्मू कश्मीरः मुख्य सचिव बोले- जान माल का कोई नुकसान नहीं, प्रतिबंधों की हो रही समीक्षा

Fri, 16 Aug 2019 07:48 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • आतंकी जम्मू-कश्मीर में हमले की फिराक में थे
  • सप्ताह के अंत तक घाटी में स्कूल खोले जाएंगे
  • दूरसंचार कनेक्टिविटी धीरे-धीरे बहाल की जाएगी
  • 22 में से 12 जिलों में हालात सामान्य हैं
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मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम - फोटो : ani
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने आज यानी शुक्रवार को श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस कर घाटी के हालातों व अन्य प्रमुख मामलों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमा पार से आतंकवाद को रोकने के लिए सरकार को कुछ निश्चित कदम उठाने की आवश्यकता थी। इस वजह से प्रतिबंध लगाए गए।

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उन्होंने कहा कि हमारे पास महत्वपूर्ण विश्वसनीय इनपुट थे कि आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में हमले करने की योजना बना रहे हैं। परिणाम स्वरूप उठाए गए कदमों में लोगों की आवाजाही और दूरसंचार कनेक्टिविटी पर प्रतिबंध लगाए गए थे। साथ ही सभाएं करने, स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने के प्रतिबंध शामिल थे।


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कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के प्रावधानों के अनुसार लोगों के लिए प्रतिबंध किए गए थे। उन्होंने कहा कि सप्ताह के अंत तक घाटी में स्कूल खोले जाएंगे। सरकारी कार्यालयों में आज से कामकाज शुरू हो गया है। दूरसंचार कनेक्टिविटी धीरे-धीरे शुरू की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि 22 में से 12 जिलों में हालात सामान्य हैं। जिनमें से पांच जिलों में सीमित प्रतिबंध लागू हैं। बताया कि जगह-जगह किए गए उपायों से यह बात साफ है कि जान-माल का कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। मुख्य सचिव ने कहा कि लागू किए गए प्रतिबंधों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही कानून-व्यवस्था के आकलन के आधार पर उचित निर्णय किए जाएंगे। साथ ही आतंकवादी पहले की तरह घाटी को निशाना न बना सकें इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, सरकार का पूरा ध्यान हालात सामान्य करने पर है।



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