अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। न्यूरो सर्जरी के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को दिल्ली या चंडीगढ़ के अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं होगी। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) जम्मू में न्यूरोसर्जिकल ऑपरेटिव सेवा शनिवार से शुरू हो गई। इससे मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’’ में इलाज मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। खास बात यह है कि हिमाचल और पंजाब के मरीजों को भी अब दिल्ली या चंडीगढ़ के अस्पतालों की ओर देखना नहीं पड़ेगा।
एम्स जम्मू ने ब्रेन ट्यूमर की एक जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी करने के साथ ही न्यूरोसर्जिकल ऑपरेटिव सेवा की शुरुआत कर दी। यहां शरीर के बाएं हिस्से में स्थित ग्लायोमा ब्रेन ट्यूमर की पहली जटिल सर्जरी के लिए एम्स के विभिन्न विभागों का सहयोग रहा। यह ट्यूमर दिमाग के उस हिस्से के पास था जो बोलने की क्षमता और शरीर के दाहिनी ओर की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
इस सर्जरी को डॉ. शौर्य दरबारी और डॉ. कनव गुप्ता ने किया। आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों की विशेषज्ञता से इस ट्यूमर को पूरी तरह से निकाला गया। सर्जरी के बाद मरीज को कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
एम्स में न्यूरोसर्जरी विभाग प्रमुख डॉ. शौर्य दरबारी ने कहा कि विभाग में न्यूरोनेविगेशन, अल्ट्रासॉनिक एस्पिरेटर, आईसीपी और टीसीडी मॉनीटरिंग, न्यूरोमॉनीटरिंग और इंट्रा-ऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। अब क्षेत्रीय मरीजों को गोल्डन ऑवर के भीतर इलाज मिल सकेगा जिससे लोगों जानें बचाई जा सकेगी।
एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) शक्ति गुप्ता ने कहा कि संस्थान के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब मरीजों को न्यूरोसर्जरी के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जैसे केंद्रों में जाने की जरूरत नहीं है।