वारदात को अंजाम देकर आतंकियों हाईवे का रुख कर भागना अब आसान नहीं होगा। आतंकियों को रोकने के लिए जिले में पुलिस सहायक बूथों का निर्माण किया जाएगा। जिला पुलिस ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। इस महीने के आखिर तक सभी केंद्र सक्रिय जाएंगे। प्रशासन इन केंद्रों के माध्यम से जनता का सहयोग भी करने वाली है।
जिला पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर सुरक्षा के कडे़ प्रबंध करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्तमान में अस्थायी तौर पर बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। जिले की हद में विभिन्न स्थानों पर इनकी स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है। जिला पुलिस प्रमुख मोहन लाल के अनुसार पुलिस सहायक केंद्रों को स्थापित करने का काम जोरों पर चल रहा है।
चड़वाल के बाद, राजबाग उज्ज पुल सहित कई महत्वपूर्ण जगहों पर इन बूथों को अस्थायी तौर पर बनाया जा चुका है। फिलहाल, यहां टीन शेड डालने का काम हो चुका है। सितंबर के अंत तक इन बूथों को वायरलेस और लैंडलाइन की सुविधा से लैस कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही हर केंद्र के दोनों ओर हाईवे पर बैरियर लगाए जाएंगे। यानी अब हर छोटा संदेश किसी भी कसबे को पार करने से पहले ही वाहन का पता बता देगा। सबसे बड़ी बात इन सहायता केंद्रों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे, जिससे आनेजाने वालों पर कड़ी नजर रहेगी।
गौरतलब है कि आतंकियों ने दोनों बार हमला करने के बाद हाईवे को ही सीधा रास्ता चुना था। पुलिस ने इससे निपटने के लिए इस योजना को बनाया है। बात अगर लखनपुर से लौंडी मोड़ तक की जाए तो दस से बारह स्थान ऐसे हैं जो किसी न किसी गांव या फिर कसबे को संपर्क करते हैं।
ऐसे में पुलिस इन सभी स्थानों पर बूथों का निर्माण करेगी। पुलिस प्रमुख ने कहा कि योजना का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। इसके साथ ही केंद्रों के पक्कान निर्माण का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
हादसों पर भी पैनी नजर
पुलिस सहायता केंद्रों से हादसों पर भी पैनी नजर रखने की योजना है। सबसे बड़ा काम यही होगा कि अगर कोई वाहन या फिर पशु तस्कर वाहन लेकर हाईवे के रास्ते से फरार होने की कोशिश करेगा तो कैमरे में कैद होने के साथ ही नाका तोड़ने पर उसे अगले नाके पर अधिक पुलिस बलों के साथ रोका जाएगा।