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जम्मू-कश्मीर में मनरेगा श्रमिकों को समय पर मिलेगा मेहनताना

Sat, 27 Feb 2021 11:29 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के श्रमिकों को जम्मू-कश्मीर में अब समय पर मेहनताना मिलता रहेगा। इसके लिए बड़ी कवायद के तहत प्रदेश सरकार ने केंद्रीय प्रायोजित इस योजना में 31 मार्च 2021 तक के लिए अपने हिस्से के 27 करोड़ 16 लाख 41 हजार की राशि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के वित्त निदेशक के लिए जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले मनरेगा श्रमिकों को समय पर मेहनताना न मिलना बड़ी समस्या बनी रहती थी।

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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सचिव शीतल नंदा ने 2020-21 के वित्त वर्ष के लिए जम्मू-कश्मीर के हिस्से की 2716.41 लाख की राशि को मनरेगा के राज्य रोजगार गारंटी फंड के खाते में जमा करवाने के लिए वित्त निदेशक को जारी कर दी है। वर्ष 2020-21 के वित्त वर्ष में एडवांस में जारी की गई राशि को मिलाकर प्रदेश सरकार ने 11200 लाख की राशि मनरेगा के लिए जारी की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सचिव शीतल नंदा ने एडवांस में मनरेगा के लिए राशि जारी करने की पुष्टि की है।

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2018 तक की देनदारी का मामला कोर्ट में लंबित
ऑल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद दिसंबर 2019 से मनरेगा योजना में काम करने वाले श्रमिकों व योजना से जुड़े अन्य लोगों के लिए सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही है। एडवांस में विभाग को राशि जारी होने से श्रमिकों को समय पर मेहनताना मिलने लगा है। हालांकि, उनका कहना है कि 2018 से पहले के मामले में प्रदेश सरकार पर एक हजार करोड़ के करीब की देनदारी बनी हुई है। इस मामले में उन्होंने अदालत में जनहित याचिका भी दायर कर रखी है, ताकि सरकार अपनी देनदारी जल्द क्लीयर करे। 

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