स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने कहा कि एसआर और पीजी के लिए मातृत्व अवकाश और आकस्मिक अवकाश का उद्देश्य महिलाओं के अनुकूल कार्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। चिकित्सा शिक्षा में हितधारकों के साथ परामर्श के बाद और उनकी मांगों की वास्तविकता को समझते हुए इन छुट्टियों की अनुमति का निर्णय लिया गया है।
एमडी व एमएस पाठ्यक्रम बहुत मांग वाले हैं, इसलिए नए अवकाश नियम स्थिति को बेहतर बनाएंगे। नए नियम पीजी छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करेंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही के दिनों में कई उपायों के तहत कई नीतिगत पहल की हैं। इन पहलों में पुराने जीएमसी में संकाय संरचना का पुनर्गठन और एनएमसी मानदंडों के अनुसार चिकित्सा शिक्षा भर्ती नियमों में संशोधन, वरिष्ठ रेजीडेंट व शिक्षकों के चयन के लिए समान नीति दिशानिर्देश शामिल हैं।
अवकाश के लिए पुराने और नए नियम
- एक साप्ताहिक अवकाश - पहले नहीं -अब है
- मातृत्व अवकाश -पहले बिना वेतन-अब वेतन सहित (180 दिन)
- पितृत्व अवकाश-पहले नहीं -अब 15 दिन
- एमटीपी अवकाश-पहले नहीं-अब 40 दिन
- वार्षिक अवकाश-पहले 15 दिन-अब 20 दिन
- वार्षिक अकादिमक अवकाश-पहले नहीं-अब 5 दिन