किसान प्राचीन तरीके से ही खेती करते आ रहे हैं। बीजाई और फसलों की देखभाल भी अपने स्तर पर करते हैं। मौसम ने साथ दिया तो फसल की पैदावार अच्छी हो जाती है मगर कई बार विपरीत परिस्थितियों में फसल बर्बाद हो जाती है।
हवा की गति का भी चलेगा पता
ऐप के माध्यम से तापमान, हवा की गति, दिशा, आर्द्रता और तीन घंटे में बारिश से संबंधति पूर्वानुमान की जानकारी किसानों को मिलती रहेगी।
दो दिन होगी एडवाइजरी जारी
फसल और पशुधन एडवाइजरी भी हर मंगलवार और शुक्रवार को ऐप के माध्यम से किसानों को दी जाएगी। इसमें पशुओं की देखभाल करने के बारे में अवगत करवाया जाएगा।
किसानों को मेघदूत ऐप के माध्यम से अब महत्वपूर्ण जानकारियां मुहैया करवाई जाएगी। किसानों को ऐप डाउनलोड करने के लिए अवगत करवाया जाएगा। स्कास्ट जे ने ऐप को अपलोड करने का काम शुरू कर दिया है। अब किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। डॉ वीना शर्मा, तकनीकी अधिकारी, एग्रोमेट सेक्शन, स्कास्ट-जे