पीजी की डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में मास्टर और टीचर ग्रेड के शिक्षकों की डिग्री सहित सभी प्रमाणपत्रों की जांच के लिए सरकार ने एक और आदेश जारी किया है।
सरकार अब बीस वर्ष से अधिक समय से शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की डिग्रियों की जांच कर रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने वेरिफिकेशन सेल गठित की है।
सभी जिलों के शिक्षकों को डिग्रियों समेत सभी प्रमाणपत्र 15 दिन के अंदर जमा करवाने को कहा गया है। बाहरी राज्यों से फर्जी डिग्रियां लेकर प्रमोशन हासिल करने वाले शिक्षकों को लेकर सरकार सख्ती से काम कर रही है।
पिछले दिनों सरकार ने दस वर्ष के अंदर नियुक्त किए और पीजी डिग्री के आधार पर प्रमोशन लेकर मास्टर और लेक्चरर बनने वाले शिक्षकों की डिग्री और सभी प्रमाण पत्रों की जांच की थी।
इसके अलावा सरकार पूरे राज्य में कार्यरत 65 हजार से ज्यादा आरईटी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की भी जांच कर रही है। दो दिन पहले सरकार ने राज्य में कार्यरत 2963 मास्टर और टीचर ग्रेड के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश जारी किए हैं।
इसके लिए विशेष तौर पर वेरिफिकेशन सेल बनाया गया है, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी रखे गए हैं। वेरिफिकेशन सेल को शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों की जांच करनी है, विशेष तौर पर पीजी डिग्री की।
डिग्री के अलावा शिक्षकों से कैटेगरी सर्टिफिकेट, सर्विस बुक भी मांगी जा रही है। इसमें विशेष तौर पर जांच की जा रही है कि शिक्षक ने किस यूनिवर्सिटी से पीजी की है।
शिक्षकों का पूरा ब्योरा वेरिफिकेशन सेल ने मांगा है। इसके लिए शिक्षकों को 15 दिन का समय दिया गया है। शिक्षक पांच नवंबर से 20 नवंबर तक हर हाल में पूरा ब्योरा वेरिफिकेशन सेल को उपलब्ध करवाना है। इसके लिए सभी जिलों को सीईओ को भी दिशा निर्देश दिए गए हैं।