विद्यार्थियों व शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि
शुक्रवार को विभिन्न कॉलेजों में अंजलि को श्रद्धांजलि दी गई। गांधीनगर महिला कॉलेज, परेड महिला कॉलेज और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज मढ़ में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग भी की गई। बीएड काॅलेज के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने भी अंजलि को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कुपवाड़ा में हादसे के बाद से कड़े किए जा चुके हैं नियम
छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले ही पिकनिक से जुड़े नियमों को सख्त कर चुका है। मार्च 2025 में कुपवाड़ा में भी पिकनिक के दौरान बस हादसा हुआ था जिसमें दो छात्रों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। हादसे के बाद सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा की थी। वीकेंड और सरकारी छुट्टियों पर स्कूलों और कॉलेजों की पिकनिक पर रोक लगा दी गई थी। सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए थे कि पिकनिक में इस्तेमाल होने वाली बसों में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से मौजूद हों। यात्रा के दौरान निगरानी बढ़ाने और जिम्मेदार स्टाफ की तैनाती के लिए भी कहा गया था।
पिकनिक के लिए अनुमति और निगरानी जरूरी
स्कूलों और कॉलेजों के लिए पिकनिक आयोजन की अलग-अलग व्यवस्था है। स्कूलों को शिक्षा अधिकारियों से अनुमति लेनी होती है जबकि कॉलेजों को निर्धारित एसओपी के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होता है। प्रस्तावों की जांच के बाद ही अनुमति दी जाती है। बस की फिटनेस, चालक का अनुभव और कंडक्टर की मौजूदगी अनिवार्य है। खिड़कियों और दरवाजों की सुरक्षा, फायर सेफ्टी उपकरण और फर्स्ट एड किट जरूरी हैं। यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना और निगरानी करना भी संस्थान की जिम्मेदारी है।
उधमपुर में छात्रा की मौत की घटना पर जांच की मांग
ऑल जम्मू कश्मीर जाट सभा के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री सरदार मंजीत सिंह ने उधमपुर में छात्रा अंजली चौधरी की मौत पर दु:ख प्रकट किया है। उन्होंने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मृतक छात्रा अन्य छात्राओं के साथ पिकनिक पर जा रही थी। उधमपुर के पास बस से गिर जाने से उसकी मौत हो गई। मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उच्च स्तरीय हो मामले की मांच
ऑल जेएंडके जाट सभा के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री एस. मनजीत सिंह ने ऊधमपुर के पास छात्रा अंजली चौधरी की दुखद मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि बस चलने के दौरान खिड़की कैसे खुली रह गई, जिससे छात्रा बाहर गिर गई। उन्होंने कहा, तथ्य जनता के सामने आने चाहिए। एक होनहार छात्रा, जो अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी, उसकी मौत की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
अंजलि एक बार तो बोल... बहन के शव से लिपटकर रोए दोनों चचेरे भाई
खारिया गांव की छात्रा अंजलि मां-पिता की इकलाैती संतान थी। शव को कंधा देने के लिए उसके दो चचेरे भाई ही हैं। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय दोनों शव के पास बेसुध-से खड़े रहे। बीच-बीच में अंजलि को आवाज लगा रहे थे...मानो वह अभी जाग उठेगी और बोलेगी। ...और फिर दोनों शव से लिपटकर रो पड़ते।
अंजलि के दोनों चचेरे भाई शुक्रवार सुबह ही घर पहुंचे थे। जब वे पहुंचे तो घर पर सगे-संबंधियों और पड़ोसियों की भीड़ लगी थी। घर-परिवार की महिलाएं रो रही थीं। सदमे में परिवार के पुरुषों के चेहरे सुन्न पड़े थे। सामने बहन का शव देख चचेरे भाइयों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बार-बार अंजलि को आवाज लगाते रहे जैसे वह सुन रही हो और अभी उठ खड़ी होगी। अंजलि के साथ पढ़ने वालीं काॅलेज की सहपाठियों और सहेलियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। सहेली को खोने का गम उनकी सिसकियों में साफ झलक रहा था। उनके रुदन से हर आंख आंसुओं से भर आई।
12 साल की मन्नत के बाद आई थी खुशियां
अंजलि के चाचा चौधरी चरण सिंह ने रुंधे गले से बताया कि शादी के 12 साल बाद भाई के घर संतान का सुख मिला था जिसे नियति ने पल भर में छीन लिया। शोक संतप्त माता-पिता इस स्थिति में भी नहीं थे कि किसी से बात कर सकें। विधायक बिक्रम रंधावा ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और संवेदना व्यक्त की।