हाल ही में जारी समर जोन के 11वीं कक्षा के बोर्ड परिणाम में सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी खराब रही है। समर जोन में 38 ऐसे स्कूल हैं, जिनका परिणाम 40 फीसदी से कम रहा है। इन स्कूलों में दस में से हर चौथा बच्चा फेल हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग अब तय फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के शिक्षकों को इंक्रीमेंट नहीं देगा और शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
11वीं कक्षा का बोर्ड परिणाम इस बार काफी खराब रहा था। सिर्फ 66 फीसदी विद्यार्थी ही सफल हो पाए थे। 15 हजार से अधिक विद्यार्थी री-अपीयर हुए थे। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी रिजल्ट गैजेट का विश्लेषण करने के बाद पता चला कि समर जोन में 38 ऐसे स्कूल हैं जिनका परिणाम 40 फीसदी से भी कम रहा। शिक्षा विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को विषयवार रिजल्ट का विश्लेषण कर रिपोर्ट देने को कहा है।
11वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 51108 ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 33591 ही सफल हो पाए थे। सरकारी स्कूलों का परिणाम 56 फीसदी रहा है, जो निजी के मुकाबले 39 फीसदी कम है। समर जोन में आने वाले हर जिले में चार से पांच स्कूल ऐसे हैं जिनका परिणाम 40 फीसदी से कम रहा है। इसमें कई मॉडल स्कूल भी शामिल हैं। मॉडल स्कूलों में अन्य स्कूलों के मुकाबले सुविधाएं, शिक्षक, बुनियादी ढांचा अधिक रहता है।
40 फीसदी से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों के शिक्षकों का इंक्रीमेंट रुकेगा। खराब परिणाम के कारणों का भी पता लगाया जाएगा। पहले 11वीं कक्षा का परिणाम 70 से 75 फीसदी तक रहता था, लेकिन इस बार परिणाम 66 फीसदी ही रहा है।
-डॉ. रवि शंकर शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू।