हिंसा और उपद्रव का दौर का शुरू करने की साजिश
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कश्मीर में फिर से हिंसा और उपद्रव का दौर का शुरू करने की साजिशें तेज हो गईं हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में मार्च से हिंसा भड़कने की आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अलगाववादियों और आतंकी संगठनों के गठजोड़ ने मार्च से फिर से व्यापक विरोध प्रदर्शन और हमले की साजिश बुनी है। हवाला के जरिए फंडिंग तेज हो रही है।
पत्थरबाजों को दिहाड़ी भी मिलने लगी है। केंद्र सरकार ने पत्थरबाजी की घटनाएं बंद होने के पीछे नोटबंदी के असर को कारण बताया था। एजेंसियों के अनुसार अब यह असर समाप्त हो रहा है। दूसरी ओर, केंद्र की रिपोर्ट के उलट रियासत सरकार मानती है कि कश्मीर हिंसा पर नोटबंदी का कोई असर नहीं पड़ा था।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती इस संबंध में विधानसभा में स्पष्ट कर चुकीं हैं कि नोटबंदी के कारण पत्थरबाजी की घटनाएं बंद होने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा था कि ऐसी कोई रिपोर्ट रियासत सरकार को नहीं मिली है जिसमें नोटबंदी का कश्मीर हिंसा पर किसी तरह के असर की बात कही गई हो।