सबके लिए आवास योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 25 शहरों के डीपीआर को मंजूरी दी गई। कुल 4915 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इस पर 240.38 करोड़ रुपये खर्च होगा। मुख्य सचिव बीआर शर्मा की अध्यक्षता में हाउसिंग फार आल की हुई बैठक में कहा गया कि 2015-2022 की इस योजना को लागू करना है।
इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराई जानी है।प्रथम चरण के तहत 25 शहरों के डीपीआर को मंजूरी दी गई। द्वितीय चरण के लिए 55 शहरों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 1.65 लाख रुपये दिया जाएंगे। इससे वह या तो नए मकान का निर्माण कर सकते हैं या फिर अपने पुराने मकान को अपग्रेड कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लोगों को संबंधित स्थानीय निकाय से दस्तावेजों के साथ संपर्क करना होगा।
इन शहरों का डीपीआर मंजूर
सबके लिए आवास योजना
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मुख्य सचिव ने बाद में स्वच्छ भारत मिशन की एपेक्स कमेटी की अध्यक्षता भी की। इसमें बताया गया कि कूड़ा निस्तारण के लिए क्लस्टर सिस्टम शुरू किया जाएगा। रियासत के 78 शहरों तथा दो राजधानियों के लिए 19 क्लस्टर बनाए गए हैं। बनिहाल तथा किश्तवाड़ को छोड़कर सभी क्लस्टर के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। इनमें से 16 क्लस्टर का डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है।
इन शहरों का डीपीआर मंजूर
जम्मू संभांग के जम्मू, आरएस पुरा, सांबा, कठुआ, बसोहली, पुंछ, राजोरी, उधमपुर, रामबन, किश्तवाड़, भद्रवाह व डोडा। कश्मीर संभाग के श्रीनगर, गांदरबल, बडगाम, अनंतनाग, बिजबिहाड़ा, शोपियां, पुलवामा, बारामुला, सोपोर, हंदवाड़ा व कुपवाड़ा, लेह व कारगिल।