डॉ. जितेंद्र सिंह
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पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि देश विरोधी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुछ लोग यदि धारणा पाले हुए हैं कि हिंदुस्तान के खिलाफ और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने की उन्हें आजादी है तो वे मुगालते में हैं। ऐसी आवाज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कश्मीरी पंडितों के एक कार्यक्रम के सिलसिले में जम्मू आए डॉ. जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हिंसा को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। हिंसा के खिलाफ यह स्टैंड केवल सरकार का ही नहीं बल्कि तमाम सियासी दल इससे सहमत हैं।
'मोदी सरकार तीन मूल सिद्धांतों को लेकर चर रही'
जितेंद्र सिंह
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उन्होंने कहा केंद्र सरकार तीन मूल सिद्धांतों को लेकर चल रही है। पहला, हिंसा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा। लक्ष्य कोई भी हो, हिंसा तो हिंसा ही है। इसे हर हाल में समाप्त करना है और सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। दूसरा ये कि देशभर के युवा केंद्र की अद्भुत योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
कश्मीर के युवाओं में भी ललक है लेकिन उनका मनोबल बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए काम किया जा रहा है। तीसरा मूल सिद्धांत देश विरोधी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाना है।
विश्व बिरादरी में पाकिस्तान को अलग-थलग करने पर उन्होंने कहा भारत विश्व मूर्ति बनने की ओर अग्रसर है और पाकिस्तान पूरे विश्व में बेनकाब हो रहा है।
'कश्मीर भारत का आंतरिक मामला'
डॉ. जितेंद्र सिंह
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अब स्वयं समझना होगा, जितनी देर पाकिस्तान समझने में लगाएगा, उसको उतना ही नुकसान सहना पड़ेगा। बलूचिस्तान मुद्दे पर उन्होंने कहा बलूचिस्तान भारत की चिंता में शामिल है। इसे लेकर आवाज उठाई जाती रहेगी।
अगर पड़ोस में उथल पुथल का माहौल है तो उसका असर हम पर भी पड़ेगा। रही बात कश्मीर की तो कश्मीर भारत का आंतरिक मामला तो है ही, पाकिस्तान के कब्जे वाला पीओके भी भारत का ही हिस्सा है। भारत की आगे की रणनीति में पाकिस्तान से पीओके किस तरह से मुक्त करवाकर देश में शामिल करने की है।
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा की सिद्धू की पार्टी से भाजपा को कोई खतरा नहीं है। पंजाब में एक बार फिर से भाजपा ही अपनी सरकार बनाएगी।