एक ओर जहां रियासत में ‘बीफ पर प्रतिबंध’ को लेकर विवाद छाया हुआ है, वहीं शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रेसीडेंट सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि बीफ पर अब प्रतिबंध लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि यदि कोई तबका लंबे समय से बीफ खाता आ रहा है, तो उस पर रोक लगाना ठीक नहीं। इस तरह की पाबंदियों के कारण ही जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी और आईएस के झंडे अचानक प्रदर्शनों में निकल आए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बीफ मामले को सोची समझी राजनीति के तहत उछाला जा रहा है।
विस्थापित कश्मीरों के माइग्रेंट कैंपों में रहने को मजबूर होने पर मान ने कहा कि इसका मुख्य कारण उनके पास ठोस नेतृत्व की कमी है। कश्मीरी पंडित पढ़ी लिखी कौम है, लेकिन वह ढाई दशक बाद भी कैंपों में रहने को मजबूर हैं। वह अपने अधिकार हासिल नहीं कर पा रहे। उन्होंने पंडितों के लिए अलग कालोनी का भी विरोध किया। कश्मीरी पंडितों को अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।