मानतलाई में आईआईटी खोलने की शुरू हुई कवायद ठंडी पड़ गई है। जमीन के अधिग्रहण और लोगों के विरोधी स्वरों के कारण अब आईआईटी किसी और जगह पर खुलेगा। मानतलाई स्थित धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम में विश्व स्तरीय योगा केंद्र खोला जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर सरकार ने मानतलाई में करीब एक हजार कनाल जमीन पर अंतरराष्ट्रीय योगा केंद्र खोलने का काम शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयानों के बाद जिला प्रशासन ने भी मानतलाई में लोगों की जमीन के अधिग्रहण करने का काम ठप कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मानतलाई में योगा केंद्र खोलने की घोषणा की है। सरकार ने इस घोषणा से दो निशाने साधे हैं। एक तो आईआईटी के लिए एक हजार कनाल अतिरिक्त जमीन ढूंढने की परेशानी दूर हो गई। दूसरा योगा केंद्र खोलकर इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने का प्रयास किया है।
दरअसल, आईआईटी के लिए दो हजार कनाल जमीन की दरकार है। मानतलाई में धीरेंद्र ब्रह्मचारी आश्रम की केवल एक हजार कनाल जमीन ही है। अतिरिक्त एक हजार जमीन कनाल के लिए आसपास क्षेत्र के लोगों की जमीनों की शिनाख्त करने का काम जिला प्रशासन ने शुरू कर दिया। पहाड़ी क्षेत्र में इतनी जमीन एक साथ हासिल करने और पहाड़ी को समतल बनाने के लिए करोड़ोें रुपये खर्च आने की भी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने दी।
लोगों ने अपनी कृषि योग्य जमीन के अधिग्रहण का विरोध किया। सूत्रों ने बताया कि चिनैनी में अब आईआईटी बनाने का काम ठंडे बस्ते में डाल दिया है। आश्रम की मौजूद भूमि पर ही विश्व स्तरीय योगा केंद्र बन सकता है। पहले ही योगा के लिए ढांचा तैयार है और सरकार को कुछ अधिक राशि नहीं खर्च करनी पडे़गी।