जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने कहा है कि पूर्व सैनिकों के लिए अलग कालोनी बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। आवास एवं शहरी विकास विभाग की भी जिम्मेदारी संभालने वाले डा. सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी में कश्मीर में सैनिक कालोनी बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
यह मुद्दा केवल लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए उठाया गया है। बारामुला जिले के सलामाबाद में आयोजित कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जम्मू संभाग में पहले से सैनिक कालोनी है जहां राज्य के पूर्व सैनिक रहते हैं।
उन्होंने कश्मीरी पंडितों की वापसी पर कहा कि वे इस मिट्टी के संतान हैं और उनकी वापसी होनी चाहिए। यदि उनके लिए कोई कालोनी बनती है तो उससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए क्योंकि वहां दूसरे समुदाय के लोग भी रह सकते हैं।
मुस्लिम, सिक्ख और बौद्ध सभी मिल-जुलकर रह सकते हैं। कश्मीरी पंडितों की वापसी को भी इसलिए मुद्दा बनाया जा रहा है ताकि यहां की शांति को बाधित किया जा सके और जनता को दिग्भ्रमित किया जा सके।