जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गुरुवार को कश्मीरी पंडितों को जमीन देने के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ है। मंगलवार को कश्मीरी पंडितों को अलग जमीन देने की बात कहने वाले मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद अब अपने वादे पलट गए हैं।
सईद ने आज विधानसभा को बताया कि उनकी सरकार की घाटी में कश्मीरी पंडितों के रहने के लिए अलग से टाउनशिप बनाने की कोई योजना नहीं है। सदन में विपक्षी दलों ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए 'समग्र टाउनशिप' बनाने के राज्य सरकार के कदम का जम कर विरोध किया।
मुख्यमंत्री सईद ने सदन से कहा, 'मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से टाउनशिप नहीं बनाएंगे।' सईद ने कहा, ' हम जल्दी में कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते हैं। हम कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों से बात करेंगे।
हम कश्मीर में धर्मनिरपेक्षता को फलते फूलते देखना चाहते है ताकि कश्मीर अलग अलग किस्म के फूलों का बगीचा बन जाए। मुख्यमंत्री ने अलगाववादियों से भी इस मामले पर राजनीति नहीं करने की अपील की है। इससे कश्मीर की बदनामी होती है।