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प्रभु’ ने रियासत की उम्मीदों पर पानी फेरा

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मोदी सरकार के पहले रेल बजट में रियासत को निराशा हाथ लगी है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रदेश की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ‘प्रभु’ ने अपने पहले रेल बजट में हालांकि यात्रियों के लिए कई स्वागत योग्य कदम उठाए, लेकिन रियासत को न तो कोई नई ट्रेन मिली और न ही कोई रेल प्रोजेक्ट।
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इतना ही नहीं, रोजाना कटड़ा पहुंचाने वाले हजारों यात्रियों को रेल मंत्री ने कोई राहत नहीं दी। बहुप्रतिक्षित जम्मू-पुंछ रेल लिंक को भी रेल मंत्री ने दरकिनार कर दिया। रियासत के लोगों को उम्मीद थी कि आधारभूत सुविधाओं से महरूम रहने वाले जम्मू रेलवे स्टेशन की कायाकल्प सुधारने के लिए रेल मंत्री कुछ घोषणा करेंगे, लेकिन उनके बजट पिटारे से ऐसा कुछ नहीं निकला।

रियासत के लोगों का मानना है कि यात्री किराया में वृद्धि न करना, रेलवे में साफ सफाई को प्राथमिकता, शौचालय में सुधार, महिलाओं की सुरक्षा, 120 दिन पहले आरक्षण की सुविधा जैसे कदम सराहनीय हैं, लेकिन विकास की ओर कदम बढ़ा रहे जम्मू-कश्मीर को रेल मंत्री से कम से कम एक रेल प्रोजेक्ट मिलने की काफी उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया।
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जम्मू-पुंछ रेल लिंक को भी दरकिनार किया

जम्मू रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के अभाव और यात्रियों की सुविधा के लिए रेल मंत्रालय को कई बार लिखने वाले चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रेसीडेंट वाईवी शर्मा कहते हैं, ‘रेल मंत्री से रियासत को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन निराशा हाथ लगी।

रियासत की परिस्थितियों को देखते हुए कम से कम एक रेल प्रोजेक्ट मिलना चाहिए था। इससे रियासत के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते। इस संबंध में उन्होंने रेल मंत्री को लिखा भी, लेकिन इसका कोई सुखद परिणाम नहीं मिला।

’रेल मंत्री ने अपने बजट भाषण में सिर्फ इतना कहा कि कटड़ा रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा केंद्र का काम मार्च 2015 तक पूरा हो जाएगा, लेकिन यह काम कटड़ा में आधुनिक स्टेशन बनने के बाद से ही चल रहा है।

रेल मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि जम्मू-कश्मीर में रेल नेटवर्क बिठाया जा रहा है, लेकिन रेल मंत्री ने जम्मू-पुंछ रेल लिंक मार्ग के संबंध में कोई घोषणा नहीं की, जबकि पिछले रेल बजट में रेल मंत्री ने कहा था कि इस रेल लिंक के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा डोडा-भद्रवाह-किश्तवाड़ रेल लिंक पर भी कोई घोषणा न होना निराश करने वाला है। आल जेएंडके पैसेंजर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट आरसी शर्मा ने इसे दुखदायी बताया है।
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