बीते साल स्पोर्ट्स काउंसिल और युवा सेवाएं खेल विभाग ने ऑनलाइन गतिविधियां शुरू की थीं। कोरोना के प्रभाव से खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने के लिए यह पहल शुरू की गई थी, लेकिन इस बार ऐसे प्रयास देखने को नहीं मिल रहे। दोनों विभागों की ओर कोई पहल नहीं की गई है। इससे खिलाड़ियों में निराशा है।
स्पोर्ट्स काउंसिल चाहती तो इस बार स्पोर्ट्स कैलेंडर में ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन किया जा सकता था, ताकि खिलाड़ी खेल से जुड़े रहें। पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान खिलाड़ियों को कोच ऑनलाइन फिटनेस टिप्स और प्रशिक्षण देते थे।
स्पोर्ट्स काउंसिल के संभागीय खेल अधिकारी अशोक सिंह ने कहा कि हमारे ज्यादास्तर स्टाफ, जिसमें कोच भी हैं कोविड ड्यूटी में लगे हैं। हालांकि हमारी कार्ययोजना में ऑनलाइन रूप से खिलाड़ियों को मानिक और शारीरिक रूप से जागरूक रखना है। जल्द ही इसको लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर काम शुरू करेंगे।
काउंसलिंग सेल दूर कर रहा बच्चों की परेशानी
कोरोना के कारण स्कूल ऑफलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बंद हैं। ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। व्हाट्सएप ग्रुप, जूम और गूगल मीट पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। नई व्यवस्था में पढ़ना बच्चों के लिए आसान नहीं है। ऐसे में बच्चों की मदद के लिए काउंसलिंग सेल की एक टीम बनाई है। टीम बच्चों और अभिभावकों की नियमित मदद करती है और विषय को लेकर संदेह को दूर करने की कोशिश करती है। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था बच्चों के लिए अभी नई है।
उन्हें अभी इसमें ढलने में समय लगेगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से शुरू की गई आओ बात करें काउंसिलिंग हेल्पलाइन पर ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही परेशानी से संबंधित शिकायतें पहुंच रही हैं। इसमें काउंसलिंग सेल की टीम बच्चों और अभिभावकों को संबंधित विषय के अध्यापक, वीडियो, नोट्स और अन्य संसाधनों के बारे में बताते हैं और जागरूक करते हैं।