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किसानों के लिए खाली सरकार का खजाना

Tue, 17 Feb 2015 02:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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इस साल कृषि विभाग का कामकाज प्रभावित हो सकता है। विभाग को केंद्रीय योजनाओं से मिलने वाले पैसे का ही सहारा रहेगा। दरअसल, पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव, फिर बाढ़ और फिर विधानसभा चुनावों के चलते राज्य कृषि विभाग की कोई भी योजना तैयार नहीं हुई। यही नहीं, रियासती सरकार के खजाने में भी कृषि सेक्टर के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है। हर वर्ष कृषि विभाग के साथ सरकार की बजट पेश करने से पहले बजट बैठक होती है। इस साल अभी तक यह बैठक भी नहीं हुई।
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राज्य का कृषि विभाग इस साल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना पर मुख्य रूप से निर्भर रहेगा। पिछले वर्ष विभाग को राज्य सरकार की तरफ से कुछ नहीं मिला। हालांकि, विभाग को केंद्र की तरफ से पिछले साल अलग-अलग योजनाओं के तहत करीब 30 करोड़ रुपये मिले थे। इस वर्ष विभाग ने किसानों के लिए कोई योजना तैयार नहीं की है, जिसमें विभाग को फंड मिल सके।

लाखों रुपये की देनदारी
सूत्रों की मानें तो किसानों ने राज्य कृषि विभाग की कई योजनाओं के तहत पैसे खर्च कर दिए, लेकिन अब तक यह पैसा किसानों को जारी नहीं हुआ। राज्य किसान काउंसिल के प्रधान तेजिंदर सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य कृषि विभाग की कई योजनाओं के तहत किसानों ने अपने पैसे खर्च किए।
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केंद्र से पैसा जारी होने के बाद भी किसानों को यह पैसा नहीं मिला है। इसकी जांच होनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो कई केंद्रीय योजनाओं का पैसा केंद्र से जारी हो चुका है, लेकिन किसानों तक यह नहीं पहुंचा है। किसान संगठनों का यही कहना है कि यदि पैसा जारी हुआ तो किसानों तक पहुंचाने में क्या दिक्कत है।

विभाग ने खड़े किए हाथ
कृषि विभाग के आयुक्त सचिव, असगर सामून ने कहा कि ट्रेजरी में पैसा नहीं है। जब तक सरकार की तरफ से पैसा जारी नहीं होता, किसानों को कुछ नहीं दिया जा सकता।
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