जम्मू-कश्मीर की राज्य सरकार अनुच्छेद 35ए से संबंधित अपने स्टैंड पर कायम है। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। राज्यपाल शासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने अनुच्छेद 35ए पर सरकार के स्टैंड में किसी भी बदलाव से इनकार किया। सुबह राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के बारे मीडिया को विस्तृत जानकारी देने के लिए बुलाई गई एक प्रेस वार्ता में कंसल ने ये बातें कहीं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में 35ए को हटाए जाने संबंधी अफवाहों के सवाल पर कंसल ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। इसी को देखते हुए केंद्र ने जम्मू कश्मीर में 10 हजार सुरक्षा कर्मियों वाली 100 कंपनियां भेजी हैं। कश्मीर में बड़े स्तर पर सुरक्षाकर्मियों को सिर्फ आगामी आम चुनाव के मद्देनजर भेजा गया है। रही बात 35ए की तो इस पर सरकार का स्टैंड पहले वाला ही है।
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35ए पर सुनवाई चल रही है। पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा और फिर सत्यपाल मलिक ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी कि जब तक जम्मू कश्मीर में कोई सरकार नहीं चुनी जाती, तब तक इस पर सुनवाई को स्थगित किया जाए। 11 फरवरी 2019 को भी सरकार की तरफ से एक पत्र लिखा गया है, जिसमें यहीं सब लिखा गया है।