होटल में बुकिंग अस्वीकार किए जाने के दौरान होटल स्टाफ के साथ कहासुनी मामले में सेना के मेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। इसकी जानकारी पुलिस ने श्रीनगर की एक अदालत में पेश की गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दी है। श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने शनिवार को पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। मानवाधिकार कार्यकर्ता एहसान उनतू की याचिका पर उन्होंने यह निर्देश दिए थे।
याचिका में उनतू ने पुलिस से यह पूछने को कहा था कि पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है और सेना के अधिकारी को क्यों जाने दिया। पुलिस ने अदालत में पेश रिपोर्ट में कहा है कि जो लड़की उस समय सेना के अधिकारी के साथ थी, उसकी ओर से कोई भी शिकायत दर्ज नहीं की गई है। मामला संज्ञेय नहीं पाया गया था। लड़की को उसके परिवार और सेना अधिकारी लीतुल गोगोई व उनके सहयोगी समीर अहमद मल्ला को उनकी सेना यूनिट को सौंप दिया गया था।
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि मजिस्ट्रेट के सामने लड़की ने बयान दिया था कि वह गोगोई की दोस्त है। उसके साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं की गई थी और वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि लड़की गोगोई के साथ उनके साथी समीर मल्ला की गाड़ी में होटल पहुंची थी। इस मामले में पुलिस की ओर से अदालत में पेश रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। पुलिस ने अदालत के सामने लड़की के स्कूली दस्तावेज भी पेश किए हैं जिसमें लड़की की जन्म तिथि 13 अक्तूबर, 1998 है। आधार कार्ड पर उसकी उम्र 18 साल से ऊपर है।