पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन किसी भी सूरत में नहीं होगा। वे राज्य तथा यहां के लोगों के सम्मान से समझौता करने के बजाय राजनीति से संन्यास लेना पसंद करेंगे। वे शोपियां में सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीडीपी ने भाजपा के आगे अपने आपको गिरवी रख दिया है। पीडीपी ने उसके साथ गठबंधन किया जिसने हमारे झंडे का नामोनिशान मिटाने की कोशिश की।
राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने का प्रयास किया और उन्हें संरक्षण देने का प्रयास किया जिसने लोगों को उनके खान पान के आधार पर सताया।
भाजपा ने गठबंधन का इस्तेमाल ध्रुवीकरण की राजनीति को सर्टिफिकेट देने के उद्देश्य से किया। सच्चाई तो यह है कि पीडीपी ने सत्ता की खातिर राज्य के लोगों के राजनीतिक अधिकारों तथा हितों का भाजपा के साथ सौदा कर दिया। जबकि भाजपा तथा आरएसएस की ओर से अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार विषवमन किया गया।