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जम्मू-कश्मीर में कस्टम क्लीयरेंस के साथ ड्राई पोर्ट स्थापित करे केंद्र

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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए कस्टम क्लीयरेंस के साथ ड्राई पोर्ट स्थापित करने की मांग पर विचार करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है ताकि देश तथा देश के बाहर कारोबार को बढ़ावा मिल सके। वे नीति आयोग की बैठक में ऑनलाइन बोल रहे थे।
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सिन्हा ने कहा कि पर्यटन और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए जम्मू और श्रीनगर दोनों जगह नियमित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक विमानों का संचालन शुरू किया जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर सरकार अगले दो साल में निर्यात को 1400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच हजार करोड़ रुपये करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए एयर कार्गो क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। उप राज्यपाल ने कम समय में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए वाटर और एयर एक्ट 1981 के तहत अनुमति के मामलों को और सरल करने का आग्रह करते हुए कहा कि क्लीयरेंस की अवधि को चार महीने से घटाकर 30 दिन तक किया जाना चाहिए। बड़ी परियोजनाओं के पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने केसर मिशन की तर्ज पर विशिष्ट उत्पादों आधारित फंडिंग प्रोग्राम शुरू करने को भी कहा। उप राज्यपाल ने 20-25 साल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देते हुए कहा कि सड़क बनाने की कोल्ड मिक्स प्लांट जैसी आधुनिक तकनीक व पहले से निर्मित पुल के उपयोग के कारण निर्माण में कम समय लग रहा है। मनोज सिन्हा ने कहा कि कृषि तथा पर्यटन का क्षेत्र हमारी प्राथमिकताओं में है। वे आटोमेशन, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को स्मार्ट फैक्टरियों के रूप में बदलने के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग, बागानों में इमेजिंग सेंसर सहित अन्य भी उपाय किए जा रहे हैं।
चौथी औद्योगिक क्रांति की दिशा में प्रयासरत
एलजी ने कहा कि रोजगार सृजन से लेकर उद्यमिता तक प्रदेश सरकार जम्मू-कश्मीर को उद्योगों का मॉडल बनाने की दिशा में अग्रसर है। यह चौथी औद्योगिक क्रांति होगी। सरकार संस्थागत तैयारियों, उद्यमिता को बढ़ाने तथा निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में काम कर रही है। नई औद्योगिक विकास योजना प्रदेश के आर्र्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर होगा। लंबित 2367 प्रोजेक्ट पर अब तक 7125.49 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से अधिक बजट का हो रहा इस्तेमाल
स्वास्थ्य के क्षेत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार अपने बजट का 2.86 प्रति खर्च कर रही है जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। स्वास्थ्य ढांचे तथा सेवाओं में भी सुधार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में काफी प्रयास किए जा रहे है। इस सत्र से पांच भाषाओं में शिक्षा दी जा रही है। कोरोना के चलते पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए ब्रिज कोर्स भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने बजट में नए गैस पाइप लाइन योजना की घोषणा पर प्रधानमंत्री का आभार जताया।
लद्दाख ने पहली बार बैठक में की शिरकत
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने भी पहली बार नीति आयोग की छठी बैठक में शिरकत की। बैठक में शामिल होने के लिए जम्मू-कश्मीर के साथ ही लद्दाख को भी न्योता दिया गया था। केंद्र सरकार ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल का पुनर्गठन करते हुए लद्दाख के एलजी को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया है।
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यह भी सुझाव
-पर्यटन और कारोबार के बढ़ावे को जम्मू और श्रीनगर दोनों जगह नियमित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक विमानों का संचालन
-अगले दो साल में निर्यात को 1400 से बढ़ाकर पांच हजार करोड़ करने के लिए एयर कार्गों की क्षमता बढ़ाई जाए
-उद्योगों की स्थापना के लिए वाटर और एयर क्लीयरेंस की अवधि चार महीने से घटाकर 30 दिन करने की मांग
-बड़ी परियोजनाओं के पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का सुझाव
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