श्रीनगर के एनआईटी को शिफ्ट करने की मांग पर अड़े छात्रों को लेकर शनिवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोई भी नाजायज मांग को पूरा नहीं किया जाएगा। बाकी की मांगों को मानने के लिए हमने सहमति जताई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस की आलोचना करना सही नहीं है।
डा. निर्मल सिंह ने बताया कि हमारी छात्रों से शुक्रवार करीब 6 घंटे तक बातचीत चली जिसमें हमने उन्हे कहा कि उनकी जायज़ मांगों को माना जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने स्पष्ट रूप से उन्हें यह भी कहा कि एनआईटी को शिफ्ट करने की मांग उठाना ही जायज नहीं, इसे सुन्ना तो दूर की बात है।
एनआईटी श्रीनगर किसी भी हाल में शिफ्ट नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एमएचआरडी ने छात्रों के माइग्रेशन को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला। सोशल मीडिया पर जम्मू कश्मीर पुलिस की आलोचना और उन्हें देशद्रोही ठहराए जाने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज जो हुआ यह दुर्भाग्यपूर्ण था, इसमें बच्चे घायल हुए, ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसके कारण पूरे पुलिस बल के खिलाफ ऐसा कहना यह गलत है।