जम्मू में प्रदर्शन करते एनआईटी छात्रों के अभिभावक
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‘मेरा बेटा फोन पर बातें करता हुआ लगातार रो रहा था। कह रहा था कि मां यहां बहुत बुरा हाल है। कभी भी कुछ हो सकता है। पुलिस ने बच्चों को बुरी तरह मारा है। किसी भी तरह से मुझे वापस ले जाओ। हमें कैंपस से बाहर भी नहीं निकलने दिया जा रहा।’
आंखों में आंसू भरे एक छात्र की मां की दर्द भरी दास्तां है, जिसका बेटा एनआईटी श्रीनगर में पढ़ाई कर रहा है। महिला ने कहा कि हालांकि उसका बेटा पुलिस की मार से बच गया, लेकिन उसमें इतनी दहशत है कि वह एक पल के लिए भी वहां नहीं रुकना चाहता।
उन्होंने कहा कि वह असहाय हैं। एनआईटी प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दूसरी ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला। प्रेस क्लब जम्मू के बाहर बुधवार को जमा हुए एनआईटी छात्रों के सभी अभिभावकों की एक ही कहानी थी।
उनका कहना था कि किसी तरह उनके बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाए। हालांकि बच्चों के कैरियर को लेकर परेशान अभिभावक अपने लाडलों को वापस नहीं लाना चाहते। एक छात्र के पिता ने कहा कि उनका बेटा पढ़ाई छोड़कर वापस आए, वह ऐसा कभी नहीं चाहेंगे।
हम अपने देश में बच्चों को अच्छे माहौल में शिक्षा तक नहीं दे सकते। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और दोषी फैकल्टी के खिलाफ कार्रवाई करे, जिन्होंने कैंपस में माहौल खराब किया।