एनआईटी श्रीनगर में अब भी तनाव कायम है। गैर कश्मीरी छात्रों का धरना प्रदर्शन कैंपस में रविवार को भी जारी रहा। इस बीच सोमवार से परीक्षाएं शुरू होंगी। एनआईटी श्रीनगर बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीओजी) की भी सोमवार को बैठक है जिसमें छात्रों की विभिन्न मांगों पर विचार किया जाएगा।
एक बार फिर एनआईटी प्रशासन ने घर जाने वाले छात्रों से ई-मेल के जरिये सूचना देने को कहा है। इसके साथ उनके माता-पिता का सहमति पत्र, फोन नंबर तथा पता भी देना होगा। संस्थान प्रशासन का कहना है कि छात्रों से मिली सूचना के आधार पर उन्हें घर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उधर, एनआईटी छात्रों से मिलने जा रहे फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोककर दिल्ली वापस भेज दिया गया। दिल्ली से चली तिरंगा यात्रा को भी रातभर लखनपुर बार्डर पर रोकने के बाद रविवार सुबह वापस भेज दिया गया।
जम्मू संभाग में भी एनआईटी छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। संस्थान में अध्ययनरत छात्रों के अभिभावकों ने डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह सहित अन्य मंत्रियों से मिलकर छात्रों की सुरक्षा गुहार लगाई। कठुआ, उधमपुर, सांबा तथा अन्य जिलों में भी प्रदर्शन हुए।
कैंपस छोड़ने वालों की संख्या बढ़ सकती है
nit srinager
- फोटो : Amar Ujala
एनआईटी श्रीनगर में पढ़ने वाले बाहर के 55 छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कई और विद्यार्थी घर जाना चाहते हैं। ऐसे में कैंपस छोड़ने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
निर्णय लिया गया है कि इन छात्रों को बाद में परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। वहीं सोमवार को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक होगी, जिसमें छात्रों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मंत्रालय की तरफ से संयुक्त सचिव स्तर का एक अधिकारी बैठक में मौजूद रहेगा। इस बीच सोमवार से परीक्षाएं शुरू होंगी। एमएचआरडी की ओर से श्रीनगर से एनआईटी को शिफ्ट न किए जाने का रविवार को अधिकृत आदेश भी जारी कर दिया गया।
अनुपम खेर को नहीं मिली एनआईटी जाने की इजाजत
कैंपस में मौजूद छात्र
- फोटो : Social Media
एनआईटी छात्रों से मिलने पहुंचे फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को रविवार की सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। पुलिस ने उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए उन्हें एनआईटी नहीं जाने दिया गया। उन्हें दिल्ली लौट जाने को कहा गया।
खेर ने ट्वीट कर कहा है कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया और कहा कि वे श्रीनगर शहर में भी नहीं जा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से आदेश दिखाने को कहा। वे छात्रों से केवल मिलने जाना चाहते थे न कि समस्या उत्पन्न करने। वे एक नागरिक की हैसियत से वहां जाकर छात्रों को नैतिक समर्थन देना चाहते थे।
श्रीनगर एनआईटी में तिरंगा फहराने के लिए देश के 12 राज्यों से तिरंगा यात्रा लेकर पहुंचे युवकों को बीती रात रियासत में प्रवेश करते ही लखनपुर में रोक लिया गया था। रातभर वहां रखने के बाद रविवार सुबह लौटा दिया गया।
युवाओं का नेतृत्व कर रहे तेजिंद्र पाल सिंह बग्गा ने बताया कि पुलिस ने उनसे तिरंगा ले लिया है। उन्हें आश्वस्त किया है कि तिरंगा एनआईटी तक पहुंचा दिया जाएगा। एडिशनल एसपी खलील अहमद पोसवाल ने बताया कि युवा झंडा सौंपने के बाद शांतिपूर्वक लौट गए।