हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए रियासत में नौ सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इस सेंटर से ही उन्हें मेडिकल सुविधा, शेल्टर, विधिक सहायता तथा मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। सरकार ने इसे वन स्टेप सेंटर का नाम दिया है।
महिला सशक्तिकरण राष्ट्रीय मिशन के तहत गठित राज्य मिशन प्राधिकरण की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने महिला कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का समाज कल्याण विभाग को निर्देश देकर महिलाओं के कल्याण के कदम उठाने को कहा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों की ओर से महिला कल्याण के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनके क्रियान्वयन की स्थिति का ब्योरा होना चाहिए। इनके क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों की भी जानकारी होनी चाहिए, ताकि सरकार इनका समाधान कर सके।
उन्होंने जमीनी स्तर पर महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि महिला आधारित कुछ और कदम उठाए जाने की जरूरत है। योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को दूर कर महिला कल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में बताया गया कि पहली बैठक के निर्णयों के अनुसार राज्य में महिला संसाधन केंद्र को क्रियाशील कर दिया गया है। बैठक में समाज कल्याण मंत्री सज्जाद गनी लोन, आरएंडबी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी, राजस्व मंत्री सैयद बशारत बुखारी, शिक्षा मंत्री नईम अख्तर, स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत, वन मंत्री चौधरी लाल सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान, कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा, समाज कल्याण राज्य मंत्री आसिया नक्काश, बिजली राज्य मंत्री सैयद फारूक अंद्राबी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद महजूर, समाज कल्याण विभाग के सचिव सज्जाद अहमद खान मौजूद थे।