कई प्रोजेक्टों पर काम शुरू होने की उम्मीद जगी
गृहमंत्री अमित शाह की ओर से बीते दिनों पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को खत्म करने और पानी के प्रयोग करने पर हुई समीक्षा बैठक के बाद जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई प्रोजेक्टों पर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। विभागों की ओर से डीपीआर तैयार कर ली गई है। मंजूरी और बजट के बाद काम शुरू होगा। इसमें क्वार, सवालकोट परियोजना, रणवीर नहर का 120 किलोमीटर तक विस्तारीकरण सहित कई प्रोजेक्टों पर काम होना है। इसके लिए विभागीय कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
प्रदेश की इन परियोजनाओं का हुआ था रास्ता साफ साक्लकोट परियोजना 1856 मेगावाट की यह बड़ी परियोजना रामबन जिले में चिनाब नदी पर प्रस्तावित है। जिसे हाल ही में प्रारंभिक मंजूरी मिली है और यह जेएंडके की जलविद्युत क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किरथेई-दो 930 मेगावाट की यह परियोजना भी चिनाब बेसिन में है और जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है।
दुलहस्ती-दो 258-260 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना भी चिनाब बेसिन पर है और इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। पाकल दुल 1000 मेगावाट की यह परियोजना चिनाब बेसिन में है। कवार और किरू ये परियोजनाएं भी चिनाब बेसिन में हैं। रणवीर नहर 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर लंबी है। इससे सांबा, कठुआ और पंजाब लाभान्वित होगा। पंजाब में खेतों में पानी की डिमांड को पूरा किया जा सकेगा।
पहलगाम हमले के बाद से पानी रोका जा रहा है। अब पानी का प्रयोग प्रोजेक्टों के लिए होना है। रणवीर नहर के विस्तारीकरण से पानी सीधा पंजाब पहुंच सकेगा। गृहमंत्री अमित शाह की ओर से ली गई बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार तमाम विभागों की डीपीआर तैयार कर ली गई है। अब पानी रोकने के लिए बैठक कर समीक्षा की जा रही है।