केंद्र सरकार ने कश्मीर में तनाव के हालात के बीच अलगाववादी नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हुर्रियत को आतंकी संगठनों और पाकिस्तान की ओर से फंडिंग की बात सामने आने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और नईम खान समेत दो अन्यों पर प्रारंभिक जांच के लिए दर्ज करते हुए जांच टीम को श्रीनगर भेजा है।
एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग आपरेशन के बाद कश्मीर में हिंसा के लिए हुर्रियत को जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से फंडिंग होने की बात सामने आई है। इसी मामले में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, नईम खान और दो अन्यों से पूछताछ करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) शुक्रवार को श्रीनगर पहुंची।
हुर्रियत नेता गिलानी, नईम खान, जेकेएलएफ के बिट्टा कराटे और एक अन्य गाजी बाबा नामी अलगाववादी स्टिंग आपरेशन में साफ कबूल करते दिखे कि घाटी में स्कूल जलाने और हिंसा भड़काने के लिए वह पैसा लेते हैं। जांच एजेंसी ने इनके खिलाफ एक प्रारंभिक केस दर्ज किया है। इसमेें एक न्यूज चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिसमें कश्मीर में हालात बिगाड़ने के लिए हुर्रियत नेताओं ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद से धन लेने की बात कही है।