नेकां अध्यक्ष एवं सांसद फारूख अब्दुल्लाह
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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में एनआईए की छापेमारी सिर्फ अशांति फैलाने के लिए की जा रही है, लेकिन कश्मीर की अवाम अब अपने आदर्शों को नहीं बेचेगी। एनआईए हुर्रियत नेताओं को रिहा करे, ताकि वे गृह मंत्री तक अपनी बात रख सकें।
उन्होंने राज्य की गठबंधन सरकार पर भी हमले करते हुए कहा कि नेकां को कमजोर करने के लिए खर्च की जा रही राशि की एनआईए उच्चस्तरीय जांच करे। श्रीनगर में शुक्रवार को अपने पिता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद डा. फारूक पत्रकारों से रूबरू हुए।
डा. फारूक ने कहा कि मैं इन छापों को तब मानूंगा अगर इनमें से कुछ महत्वपूर्ण निकल कर बाहर आएगा और अगर यह सिर्फ उन्हें डराने के लिए है, तो मैं भारत सरकार को यह बताना चाहूंगा कि कितना भी अत्याचार कर लें, कश्मीर की जनता अपने आदर्शों के साथ खड़ी है।
डा. फारूक ने भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो कोई आरएसएस के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है उसे दबाने की कोशिश की जाती है।