नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने राज्य में अपने पैर मजबूत करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। रियासत में चार कार्यालय खोलने वाली एनआईए जम्मू में अपना मुख्य कार्यालय खोलेगी, जिसकी कमान राज्य में मौजूद किसी पुलिस अधिकारी को सौंपी जा सकती है।
हालांकि पहले से ही एनआईए ने अपने चार कैंप खोल रखे हैं, लेकिन अब एनआईए स्थायी रूप से अपने पैर जमाने की कोशिश में है। रियासत में आतंकी घटनाओं के बढ़ने के बाद केंद्र ऐसा कर रहा है।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास पांच-छह दिन पहले एक फाइल पहुंची है। गृह मंत्रालय जम्मू में खुलने वाले एनआईए के मुख्य कार्यालय की कमान रियासत में मौजूद किसी आईपीएस अधिकारी को सौंपना चाहता है।
जम्मू में खुलना है एनआईए का मुख्य कार्यालय
इस समय राज्य में एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी रैंक के कुछ अधिकारी हैं, जिनको पोस्टिंग नहीं मिली और लंबे समय से इंतजार में हैं। ऐसे में मंत्रालय इनमें से किसी को इसकी कमान सौंपना चाहता है।
इसे इसलिए भी तवज्जो दी जा रही है कि स्थानीय अधिकारी होने से एनआईए को अपना काम करने में आसानी होगी, क्योंकि अधिकारी राज्य की परिस्थितियों से वाकिफ होंगे।
मौजूदा समय में राज्य के दो आईपीएस अधिकारी एसएसपी अतुल गोयल और आईजी मुकेश सिंह पहले से ही एनआईए दिल्ली में हैं। मौजूदा समय में एनआईए अनंतनाग, श्रीनगर, उधमपुर और जम्मू में अपने अस्थायी कैंप बनाकर काम कर रही है।
आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी
उधमपुर में आतंकी हमले करने वालों में जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद को एनआईए के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद एक और आतंकी जिंदा पकड़ा गया। दोनों आतंकियों की जांच एनआईए को दी गई। इन आतंकियों से पूछताछ में राज्य में लश्कर के नेटवर्क के तार तोड़ने में मदद मिली। कई लोगों के नाम सामने आए। गृह मंत्रालय को लगती है कि यदि जम्मू में एनआईए मजबूत होगी तो आतंकियों को नेटवर्क का पता लगाने में आसानी होगी।