उड़ी में हुए आतंकी हमले को लेकर कई बड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं। एनआईए के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद ये बात सामने आई है कि उड़ी में सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमले को आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के द्वारा अंजाम दिया गया था।
इसके अलावा एनआईए सूत्रों के हवाले से ये जानकारी भी मिल रही है कि हंदवाड़ा में हुए हमले में भी लश्कर के ही आतंकियों का हाथ था। पूर्व में इन आतंकी हमलों की साजिश में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का नाम सामने आ रहा था।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक 2016 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के द्वारा गिरफ्तार किए गए कुल 112 लोगों में 64 को जिहादी आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में बारामूला के उड़ी में सैन्य कैंप पर आतंकी हमला हुआ था जिसकी जांच एनआईए द्वारा अब भी की जा रही है।
अलगाववादी नेता गिलानी के खातों की जांच जारी
अलगाववादी नेता गिलानी के खातों की जांच जारी
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एनआईए सूत्रों के मुताबिक कश्मीर के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के बैंक खातों की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गिलानी के 2 बैंक खातों की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।
इसके अलावा विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक के भी 78 बैंक एकाउंट्स की भी जांच की जा रही है। ये सभी एकाउंट भारत के बैंकों में हैं। सूत्रों के मुताबिक जाकिर की एनजीओ द्वारा रियल एस्टेट में करीब 100 करोड़ रूपए की राशि का निवेश किया गया है।
नगरोटा हमले को लेकर भी हुआ बड़ा खुलासा
नगरोटा हमले को लेकर भी हुआ बड़ा खुलासा
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एनआईए के सूत्रों के मुताबिक नगरोटा के सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर भी बड़ी बातें सामने आई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनआईए को नगरोटा हमले की प्राथमिक जांच के बाद ये पता चला है कि नगरोटा हमले में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का हाथ हो सकता है।
गौरतलब है कि नगरोटा में आतंकी हमले के बाद इसकी जांच एनआईए को सौंपी गई थी जिसके बाद एनआईए के अधिकारियों ने घटना स्थल से कई सबूत इकठ्ठा किए थे। एनआईए सैन्य कैंप के पास के उन जंगलों में भी गई थी जहां से आतंकियों के आने का शक जताया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक ये जांच अब भी जारी है।