संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आईएसआईएस से हमदर्दी रखने के आरोप में एक कश्मीरी इंजीनियर को देश से निकाल दिया है। उसे वापस भारत भेजा गया है। प्रतिबंधित आईएसआईएस से संबंध के मामले में यूएई से निकाले गए कश्मीरी इंजीनियर इरफान अहमद जरगर से एनआईए पूछताछ की है। अब जम्मू कश्मीर पुलिस और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां इरफान से पूछताछ करने में जुटी हैं।
सुरंक्षा एजेंसियों के मुताबिक इरफान 28 अप्रैल को ओमान से खाड़ी देश में घुसने की कोशिश कर था, तब उसे गिरफ्तार किया गया था। दुबई पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की। जांच के बाद उसे 14 अगस्त को कश्मीर वापस भेज दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इरफान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता है। वह सीरिया और इराक में आईएसआईएस की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर लगातार लाइक करता रहा है। इरफान कश्मीर के छत्ताबल का रहने वाला है। कश्मीर में पहले से उसके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है।
इरफान के यूएई में पकड़े जाने पर उसके परिवार वालों ने सुषमा स्वराज से गुहार लगाई थी। सुषमा ने दुबई में स्थित भारतीय कंसलटेंट जनरल को मामले को देखने के लिए कहा। दुबई प्रशासन ने कहा कि वह जांच करने के बाद ही उसे छोड़ेंगे। इससे पहले दो बार ऐसा हो चुका है, जब किसी आतंकी संगठन के हमदर्द या फिर समर्थक होने पर किसी कश्मीरी को विदेश से निकाला हो। श्रीनगर के अफशान परवेज को तुर्की की राजधानी अंकारा से 25 मई को वापस भेज दिया था। गांदरबल के रहने वाले अजहर उल इस्लाम को भी यूएई से आईएसआईएस का हमदर्द होने के शक पर निकाल दिया गया था।