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Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंची, एनआईए को चीन भेजने की मिली मंजूरी

Wed, 04 Mar 2026 11:42 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

एनआईए को पहलगाम आतंकी हमले की जांच में गोप्रो हीरो 12 कैमरे से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड के लिए चीन को न्यायिक अनुरोध पत्र भेजने की मंजूरी मिली है। कोर्ट ने यूएन कन्वेंशन के जरिए जानकारी हासिल करने और इसके लिए दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।
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एनआईए - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश की अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच संबंधी एनआईए के न्यायिक अनुरोध पत्र को मंजूरी दे दी है। अर्जी में जांच के दौरान जब्त गो प्रो हीरो 12 ब्लैक कैमरे से जुड़ी जानकारी लेने के लिए चीन की सक्षम न्यायिक अथॉरिटी को न्यायिक अनुरोध पत्र जारी करने की मांग की गई थी। 

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विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने बीते सोमवार को यह आदेश दिया। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य जांच अधिकारी, एनआईए डीआईजी संदीप चौधरी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 112 के तहत यह अर्जी दी थी। एनआईए ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान आतंकी हमले की साजिश और उसे अंजाम देने से जुड़ी कई चीजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की गई। इसी में गो प्रो हीरो 12 ब्लैक कैमरा था जिसे हमले से पहले की जासूसी, मूवमेंट और आतंकी मॉड्यूल की ऑपरेशनल तैयारी के लिए जरूरी बताया गया।एजेंसी के अनुसार डिवाइस बनाने वाली कंपनी गो प्रो बीवी को एक कानूनी नोटिस जारी किया गया था। इसमें डिवाइस की सप्लाई चेन और एक्टिवेशन के बारे में जानकारी मांगी गई थी। कंपनी की ओर से अपने आधिकारिक जवाब में कैमरा चीन में मौजूद एक वितरक एई ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड को सप्लाई करने की बात कही गई।

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कैमरा 30 जनवरी, 2024 को डोंगगुआन (चीन) में एक्टिवेट किया गया था। हालांकि, निर्माता ने बताया कि उसके पास डाउनस्ट्रीम ट्रांजेक्शन डिटेल्स या एंड-यूजर रिकॉर्ड नहीं है। इससे एनआईए को खरीदार/एंड-यूजर और उससे जुड़े टेक्निकल रिकॉर्ड का पता लगाने के लिए चीनी अधिकारियों से कानूनी मदद लेनी पड़ी क्योंकि एक्टिवेशन, शुरुआती इस्तेमाल और कॉमर्शियल ट्रेल चीन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।अदालत ने कहा, चूंकि भारत व चीन ने इस विषय पर म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी/एग्रीमेंट (एमएलएटी) पर हस्ताक्षर नहीं हैं इसलिए आवेदन यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम (यूएनटीओसी) के जरिए भेजा जाएगा। इसे दोनों देशों की मंजूरी हासिल है।

आदेश में यह भी लिखा है कि गृह मामलों के मंत्रालय ने पिछले साल 27 अप्रैल की जांच में न्यायिक अनुरोध पत्र जारी करने की मंजूरी दे दी है। जब्त डिवाइस की चेन ऑफ कस्टडी, यूजर एट्रिब्यूशन और सबूतों से जुड़े लिंक को तय करने के लिए मांगी गई जानकारी को आवश्यक बताते हुए विशेष न्यायाधीश ने अर्जी मंजूर कर ली। बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए खरीदार, एंड-यूजर और टेक्निकल रिकॉर्ड का पता लगाने में मदद के लिए चीन की सक्षम ज्यूडिशियल अथॉरिटी को न्यायिक अनुरोध पत्र जारी किया।

कोर्ट ने विशेष जांच अधिकारी को न्यायिक अनुरोध पत्र की सॉफ्ट कॉपी चाइनीज में ट्रांसलेट की गई कॉपी के साथ एमएलएटी पोर्टल पर अपलोड करने, इसके ट्रांसलेशन के साथ तीन फिजिकल सेट (एक ओरिजिनल और दो कॉपी) सीबीआई, आईपीसीयू, नई दिल्ली को भेजने का निर्देश दिया। यह केंद्रीय गृह मंत्रालय से एक फॉरवर्डिंग लेटर लेगा और इसे डिप्लोमेटिक चैनलों के जरिए संबंधित देश को अर्जी भेजेगा। जेएनएफ
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