इस मामले में एनआईए ने 26 नवंबर 2020 को मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी थी। एनआईए ने शुरुआती जांच में पाया कि इस नार्को टेरर मॉड्यूल का मुखिया तरनतारन (पंजाब) का रहने वाला गुरप्रताप सिंह है जो नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से प्राप्त पैसे से आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशल को मदद पहुंचा रहा था।