रोपी शिक्षक रिजवान असद पंडित की पुलिस हिरासत में मौत के बाद परिवार के लोगों ने पुलिस पर सवाल खड़े किए। रिजवान के भाई जुलकर नैन ने किसी भी जांच से असहमति जताते हुए कहा कि यहां कोई जांच कभी पूरी नहीं हुई। उसके भाई को बिना किसी कसूर के मारा गया है। यह एक ‘कोल्ड ब्लडेड मर्डर’ है।
नैन के अनुसार, पुलिस ने रिजवान को कुछ दिन पहले घर से उठाया। इसके बाद उनसे कहा गया कि वह श्रीनगर एसओजी की हिरासत में है और इसमें पुलवामा पुलिस उनकी कोई सहायता नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि मंगलवार जब उनके पास यह खबर पहुंची तो उनको यकीन नहीं हुआ। रिजवान की मौत की खबर के बाद रिजवान के घर पर बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
इस घटना के सामने आते ही शुरू में पुलिस ने काफी देर तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन बाद में पुलिस ने घटना पर कहा कि एक आतंकी घटना के संबंध में तफ्तीश के लिए रिजवान पंडित को हिरासत में लिया गया था। प्रवक्ता के अनुसार उसकी हिरासत में मौत हुई है। इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 176 के तहत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटना को लेकर एक अन्य जांच भी शुरू की जा चुकी है।
एनआईए ने कहा, हमने किसी पूछताछ को नहीं बुलाया
हमने पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था: एनआईए
वहीं शुरू में मामले के साथ एनआईए (नेशनल इन्वेस्टीगेटिव एजेंसी) को जोड़े जाने को लेकर एनआईए ने भी अपना पक्ष रखा। एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने बताया कि एनआईए द्वारा न तो रिजवान को किसी पूछताछ के लिए बुलाया गया था और न ही एनआईए द्वारा जारी किसी जांच में उससे किसी अन्य जगह पर पूछताछ की गई है।