प्रमुख अलगाववादी नेता और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के चेयरमैन शब्बीर अहमद शाह को हवाला लेनदेन के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने शब्बीर शाह के खिलाफ मामला दर्ज किया था जिसमें वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था।
इस सिलसिले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस अब शब्बीर शाह को दिल्ली में पेश करेगी। इस अलगाववादी नेता पर टेरर फंडिंग के सिलसिले में भी एनआईए जांच कर रही है।
शब्बीर शाह को मंगलवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसे हुमहामा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब एनआईए भी उससे पूछताछ कर सकती है। शब्बीर शाह पिछले चार महीने से सनतनगर स्थित आवास पर नजरबंद है।
शब्बीर से पहले 7 सोमवार को गिरफ्तार किए गए थे 7 नेता
मंगलवार की रात पुलिस उसके आवास पर पहुंची और अपने साथ ले गई। पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि रात साढ़े नौ बजे एसडीपीओ सदर तथा एसएचओ के नेतृत्व में पुलिस पार्टी शाह के आवास पर पहुंची।
उन्होंने सहयोग करने को कहा और अपने साथ ले गई। इस दौरान पुलिस ने आश्वस्त किया कि उसे एक घंटे बाद घर पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन बाद में पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और हुमहामा पुलिस थाने ले जाया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल गिरफ्तारी की वजह पता नहीं है। शब्बीर शाह को ईडी ने भी मनी लांड्रिंग के मामले में पिछले दिनों नोटिस जारी किया था।
इससे पहले सोमवार को एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश समेत सात अलगाववादियों को गिरफ्तार किया था। इन्हें मंगलवार को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
हवाला के 6296000 रुपए पकड़े गए थे
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने दो साल पहले श्रीनगर के असलम वानी नामक व्यक्ति को 6296000 रुपये और हथियार के साथ पकड़ा था। वानी ने पूछताछ में बताया कि वह राशि अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को पहुंचाने जा रहा था। इस सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने शब्बीर शाह पर मामला दर्ज किया। इसी सिलसिले में गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार असलम वानी ने शब्बीर शाह को पाकिस्तान से पैसे मिलने की बात कही थी।
मीरवाइज के मीडिया सलाहकार की सुरक्षा हटाई
श्रीनगर। हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक के मीडिया सलाहकार शाहिद उल इस्लाम की एनआईए की ओर से गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा हटा ली गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह एक सामान्य प्रक्रिया है कि जब भी कोई सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति गिरफ्तार होता है या फिर संबंधित पुलिस के क्षेत्र से बाहर जाता है तो उसकी सुरक्षा में तैनात जवानों को बैरक में भेज दिया जाता है। यदि शाहिद छूट गया तो उसकी सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी। ब्यूरो