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टोल प्लाजा देने पर हाईवे ढांचा मजबूत होगा-निदेशक

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जम्मू। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट निदेशक अजय कुमार रजत ने कहा कि टोल प्लाजा देने पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढांचे को मजबूत बनाने का काम किया जाएगा। नए टोल प्लाजा से नए विकास प्रोजेक्ट पर काम होगा। जम्मू-पठानकोट हाईवे एनएच 44 में जिला सांबा में ठंडी खुई टोल प्लाजा, सरोर को हाईवे के निर्माण के कई साल बाद शुरू किया गया है। यह टोल एनएच 44 सड़क के इस्तेमाल के लिए लगाया गया है। यह मानसर, सांबा, कंटोनेंट क्षेत्र से शुरू होकर सिद्धड़ा तक है, जिसमें 47.3 किमी. के लिए टोल लिया जा रहा है।
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सरोर टोल प्लाजा पर उपजे तनाव के बाद सफाई देते हुए रजत ने कहा कि इस टोल प्लाजा के टोल दाम भारत सरकार के नियमों के तहत लगाए गए हैं। स्थानीय नागरिकों को 20 किमी. के दायरे में मासिक पास, नान कामर्शियल को मासिक पास, पंजीकृत कामर्शियल स्थानीय ट्रक, डंपरों को सामान्य टोल पर 50 फीसदी छूट का प्रावधान है। स्थानीय मेटाडोर को 50 फीसदी छूट है, ज्यादा चक्कर लगाने पर मासिक पास ले सकते हैं। गत 11 अक्तूबर को शुरू हुए इस टोल के लिए लोग मानसिक तौर पर तैयार नहीं थे, जिससे शुरुआत में कुछ परेशानी आई, लेकिन पांच दिन से टोल सुचारु रूप से चल रहा है। अभी रात 8.30 से 11.30 बजे तक जाम की समस्या हो रही है, जिसके समाधान के लिए दोनों तरफ दो-दो लेन को बढ़ाया जा रहा है। इसका बन टोल प्लाजा से कोई संबंध नहीं हैं, दोनों अलग-अलग समय में बने हैं। दोनों के बीच टोल कीमत में अंतर पर निदेशक ने कहा कि टोल की कीमत होल सेल प्राइज इंडेक्स और सड़क की लंबाई पर निर्भर करती है। बन में 64 किमी. में उसका ढांचा 10 किमी. तक है। 60 किमी. के भीतर दो टोल प्लाजा स्थापित न करने के सवाल पर रजत ने कहा कि अगर एक सेक्शन में दो टोल प्लाजा लगते हैं तो 60 किमी. का सीमा अंतर होना चाहिए, लेकिन लखनपुर से जम्मू और जम्मू से उधमपुर तक अलग-अलग सेक्शन हैं। बन टोल प्लाजा में जम्मू से उधमपुर के दायरे में बीस साल का समय तय किया गया है, इसमें रखरखाव सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।
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गाली गलौच और मारपीट करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी
एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक रजत ने कहा कि पहले दिन सरोर टोल प्लाजा पर गाली गलौच और मारपीट की घटना निंदनीय है। इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सिफारिश की गई है। ऐसी घटना भविष्य में दोबारा न हो। इसे भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है। टोल प्लाजा टेंडर सिस्टम से होता है। एनएचएआई के पास श्रमिक शक्ति कम है, जिससे टेंडर से ही ऐसी प्रक्रिया चलती है।
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लखनपुर में एक अन्य टोल प्रस्तावित
सरोर टोल प्लाजा के बाद राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में एक और टोल प्लाजा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सरोर टोल पर फिलहाल अस्थायी ढांचा स्थापित किया गया है, जो छह माह तक रहेगा। उसके बाद स्थायी ढांचे में 16 लेन बनाई जाएगी। श्रीनगर रिंग रोड में भी एक टोल प्लाजा प्रस्तावित है। भारत वर्ष में एक दिसंबर के बाद तीन मिनट का सिस्टम लागू हो जाएगा, इसमें टोल पर तीन मिनट से अधिक देर रुकने पर निशुल्क टोल होगा। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के देशभर में 527 टोल प्लाजा चल रहे हैं।
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